अबूझमाड़ से अमन का संदेश: CM साय ने दिखाई पीस हाफ मैराथन को हरी झंडी, 10 हजार से अधिक धावकों संग दौड़े मंत्री, आत्मसमर्पित नक्सली भी बने इतिहास के साक्षी

रायपुर, 31 जनवरी 2026।
अबूझमाड़ की पावन धरती से शांति, सद्भाव और विकास का सशक्त संदेश देते हुए आज अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन नारायणपुर में सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अलसुबह हाईस्कूल परिसर के समीप आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय हाफ मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं भी धावकों के साथ सांकेतिक रूप से दौड़ लगाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विजेता प्रतिभागियों को प्रदान किए जाने वाले पदकों (मेडल) का अनावरण भी किया।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज अबूझमाड़ की धरती से पूरे देश और दुनिया को अमन, शांति और भरोसे का मजबूत संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही अबूझमाड़ है, जहाँ कभी आम नागरिकों और सुरक्षा बलों का पहुँचना भी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन आज सकारात्मक वातावरण के कारण हजारों लोग यहाँ एक साथ एकत्रित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद से मुक्ति की दिशा में युवा वर्ग का उत्साह और जोश इस बात का संकेत है कि यह क्षेत्र जल्द ही खुशहाली और विकास का नया अध्याय लिखेगा।
मुख्यमंत्री ने इस परिवर्तन को डबल इंजन सरकार की नीतियों और सशक्त नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है और बस्तर को लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में लगे सुरक्षा बलों के अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के समर्पण से आज बस्तर में शांति और विकास की मजबूत नींव पड़ी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में बस्तर क्षेत्र में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है, साथ ही नए विकास कार्यों की घोषणाएँ भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र पिछले चार दशकों से विकास से वंचित रहा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बस्तर में विकास की गंगा निरंतर बहेगी और पूरे छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 21 किलोमीटर लंबी यह हाफ मैराथन नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश से आए 60 से अधिक विदेशी प्रतिभागियों सहित बस्तर संभाग, प्रदेश और अन्य राज्यों के 10 हजार से अधिक धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मैराथन से पूर्व हाईस्कूल परिसर में आयोजित जुंबा वॉर्मअप कार्यक्रम में हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ ऊर्जा और जोश के साथ सहभागिता की।
हथियार छोड़ शांति की दौड़ में उतरे आत्मसमर्पित माओवादी
इस आयोजन की सबसे विशेष और ऐतिहासिक उपलब्धि यह रही कि आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं ने हथियारों को त्याग कर शांति, विश्वास और मुख्यधारा में लौटने का संदेश देते हुए मैराथन में भाग लिया। नारायणपुर की अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को और भी अधिक प्रेरणादायी और प्रभावशाली बना दिया।

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