बालाघाट23सितंबर 2026/सराफा बाजार में लालबाग के राजा की तर्ज पर स्थापित ‘बालाघाट के राजा’ की मंगलवार रात महाआरती हुई। 13 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा के दर्शन और महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस प्रतिमा की स्थापना की परंपरा वर्ष 2007 से लगातार जारी है।
डेढ़ महीने में तैयार होती है प्रतिमा
शिवशक्ति गणेश उत्सव समिति के अनुसार, प्रतिमा का निर्माण करीब डेढ़ महीने पहले शुरू किया जाता है। प्रतिमा के श्रृंगार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री नागपुर से मंगाई जाती है। 13 फीट ऊंची प्रतिमा जिले की बड़ी गणेश प्रतिमाओं में शामिल है।
समिति से जुड़े पंडित सत्येंद्र शुक्ला ने बताया कि शुरुआत में छोटी गणेश प्रतिमा स्थापित की जाती थी। वर्ष 2007 से लालबाग की तर्ज पर ‘बालाघाट के राजा’ की स्थापना शुरू हुई, जिसके बाद यह परंपरा लगातार जारी है।
भक्तों की आस्था का केंद्र
आयोजकों के मुताबिक, ‘बालाघाट के राजा’ के प्रति भक्तों में विशेष आस्था है। पिछले वर्षों में श्रद्धालुओं ने भगवान को चांदी की अंगूठी, पैर और दांत भी भेंट किए हैं। हर साल यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है।
27 सितंबर को होगा विसर्जन
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू हुआ गणेशोत्सव दस दिनों तक चलेगा। बालाघाट मुख्यालय में सराफा बाजार सहित सिंधी मोहल्ला, मेनरोड, मोतीनगर, गुजरी चौक, बुढ़ी और भटेरा समेत करीब 80 स्थानों पर सार्वजनिक पंडालों और घरों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। ‘बालाघाट के राजा’ की प्रतिमा का विसर्जन 27 सितंबर को किया जाएगा।