नई दिल्ली। 9सितम्बर 2026/राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। देश के शीर्ष नेताओं और विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने ‘ऑपरेशन ब्रिक्स कवच’ के तहत दिल्ली में व्यापक मॉक ड्रिल की। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित आतंकी हमले, बंधक संकट और आपातकालीन रेस्क्यू जैसी परिस्थितियों में सुरक्षा बलों की तैयारियों को परखना रहा।
अभ्यास में करीब 100 NSG कमांडो ने हिस्सा लिया। इस दौरान अलग-अलग संभावित खतरों से निपटने, तेजी से कार्रवाई करने और लोगों को सुरक्षित निकालने की रणनीतियों का अभ्यास किया गया। दिल्ली पुलिस की SWAT टीम भी इस संयुक्त सुरक्षा अभ्यास का हिस्सा रही।
ब्रिक्स सम्मेलन का मुख्य आयोजन भारत मंडपम में होना है। सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां आयोजन स्थल के साथ-साथ उससे जुड़े अहम स्थानों और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों पर भी विशेष निगरानी रख रही हैं।
‘ऑपरेशन ब्रिक्स कवच’ के जरिए सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के साथ तत्काल कार्रवाई की जा सके।