रायगढ़। 26अगस्त 2026/छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या के एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोप है कि ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार ने घरेलू विवाद के बाद अपनी पत्नी चमेली सिदार की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान और सबूत मिटाने के लिए शव को घर के आंगन में जला दिया और बची हुई हड्डियों को जमीन में दबा दिया। वारदात को छिपाने के लिए आरोपी ने पत्नी के लापता होने की झूठी कहानी भी पुलिस के सामने पेश कर दी।
पुलिस के अनुसार, चमेली 16 अप्रैल की रात घर से लापता हुई थी। उसके पति ने 28 अप्रैल को कापू थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के बयान और उसके व्यवहार में कई विरोधाभास दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर उससे पूछताछ शुरू की और घटनास्थल पर बारीकी से जांच की।
जांच के दौरान घर के आंगन से जले हुए हड्डियों के अवशेष मिले। पुलिस ने इन अवशेषों को वैज्ञानिक जांच और डीएनए परीक्षण के लिए भेजा। जांच में पुष्टि हुई कि बरामद अवशेष चमेली सिदार के ही थे। इसके बाद पुलिस का शक आरोपी पति पर और गहरा गया।
पूछताछ में सामने आया कि 16 अप्रैल की रात भाजी की सब्जी बनाने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। पुलिस के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर देवानंद ने चमेली का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने शव को घर के आंगन में जलाया और हड्डियों के अवशेषों को गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। वारदात के बाद उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
वैज्ञानिक जांच से हत्या की पुष्टि होने के बाद 23 अगस्त को आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। हालांकि गिरफ्तारी की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया। कापू पुलिस ने उसकी तलाश में गांव के आसपास लगातार निगरानी रखी और करीब तीन दिनों तक डेरा डालकर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। आखिरकार पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में पुलिस की वैज्ञानिक जांच और लगातार पूछताछ के जरिए करीब चार महीने पुरानी गुमशुदगी की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली है।