जयपुर30जून2026/ राजस्थान की राजधानी जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा के दौरान बड़े नकल रैकेट का खुलासा होने के बाद परीक्षा केंद्र पर जमकर हंगामा हुआ। नकल कराने की साजिश उजागर होते ही छात्रों ने परीक्षा केंद्र के बाहर तोड़फोड़ और नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। मामले में कॉलेज संचालक, एचओडी और लेक्चरर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, झुंझुनूं के एक कॉलेज के 45 प्रथम वर्ष के छात्रों को परीक्षा में पास कराने के लिए ₹5.50 लाख का सौदा किया गया था। योजना के तहत सभी छात्रों को एक ही कक्ष में बैठाकर ड्यूटी पर तैनात वीक्षक (इनविजिलेटर) की मदद से नकल कराई जानी थी।
डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मुकुंदगढ़ स्थित एस. करण कॉलेज के एचओडी कृष्ण कुमार, लेक्चरर शंकर लाल जाट, जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक रामकृष्ण मंडीवाल और उनके भतीजे देवकृष्ण मंडीवाल शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने छात्रों से ₹5.50 लाख वसूले थे, जिनमें से ₹3.27 लाख परीक्षा केंद्र पर मनपसंद वीक्षक लगाने के लिए दिए गए थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से डायरी, छात्रों की सूची और व्हाट्सएप चैट बरामद की है, जिनमें पूरी साजिश के सबूत मिले हैं।
घटना के बाद राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल ने प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र की सभी परीक्षाएं अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। पुलिस पूरे नकल गिरोह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
₹5.50 लाख में नकल का खेल बेनकाब, पैरामेडिकल परीक्षा केंद्र पर छात्रों का हंगामा, कॉलेज संचालक समेत 4 गिरफ्तार