धमतरी ने रचा नया कीर्तिमान, प्रदेश में सबसे आगे | 501 गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा
रायपुर, 19 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के मालिकाना हक को मजबूत करने की दिशा में धमतरी जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में धमतरी जिला पूरे प्रदेश में अव्वल रहा है। जिले में अब तक 50 हजार से अधिक पात्र परिवारों को आबादी भूमि के अधिकार अभिलेख यानी प्रॉपर्टी कार्ड प्रदान किए जा चुके हैं।
इस योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी जमीन और घर का कानूनी दस्तावेज मिलने से वर्षों से चली आ रही मालिकाना हक की अनिश्चितता दूर हुई है। अब ग्रामीण अपनी संपत्ति का उपयोग आर्थिक गतिविधियों के लिए भी कर सकेंगे।
501 गांवों में हुआ ड्रोन सर्वे
धमतरी जिले में आधुनिक तकनीक के जरिए 501 राजस्व गांवों में ड्रोन सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है। सर्वे ऑफ इंडिया के तकनीकी सहयोग से तैयार नक्शों का राजस्व टीमों ने गांव-गांव जाकर स्थल सत्यापन भी किया। अभिलेखों की जांच के बाद पात्र परिवारों के अधिकार पत्र तैयार किए गए।
अब तक 312 गांवों के अभिलेख डिजिटल कर पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं।
प्रॉपर्टी कार्ड से खुलेंगे आर्थिक विकास के रास्ते
अधिकार अभिलेख मिलने के बाद ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का कानूनी प्रमाण प्राप्त हुआ है। इससे उन्हें होम लोन, व्यवसाय ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाएं हासिल करने में मदद मिलेगी। जमीन की सीमाओं का स्पष्ट निर्धारण होने से आपसी विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन के मुताबिक, स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी संपत्ति का वास्तविक अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। शेष गांवों में भी प्रक्रिया तेजी से जारी है।
धमतरी की यह उपलब्धि दिखाती है कि तकनीक, पारदर्शिता और सुशासन के प्रभावी इस्तेमाल से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाया जा सकता है।