जगदलपुर, 12 अगस्त 2026। बस्तर की समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को देश-दुनिया के सामने नई पहचान दिलाने की दिशा में तीन दिवसीय ‘हरेली बर्ड फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ दरभा क्षेत्र में हुआ। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समारोह में पक्षी संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की धरती प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से परिपूर्ण है। यहां के घने जंगल अनेक दुर्लभ और खूबसूरत पक्षी प्रजातियों का आश्रय हैं। उन्होंने कहा कि पक्षी पारिस्थितिकी तंत्र के प्रहरी हैं और उनका संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा में वन विभाग का सहयोग करने की अपील की।
इको-टूरिज्म से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
वन मंत्री ने कहा कि बर्ड फेस्टिवल से बस्तर में इको-टूरिज्म को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, होम-स्टे और पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बस्तर की पहचान प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और पक्षी पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में बनेगी।
‘गज संकेत’ ऐप और कॉफी टेबल बुक का विमोचन
समारोह में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदमों की शुरुआत हुई। अतिथियों ने ‘हरेली बर्ड फेस्टिवल’ के आधिकारिक लोगो का विमोचन किया। मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने और हाथियों की सुरक्षा के उद्देश्य से ‘गज संकेत’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया। इसके साथ ही बस्तर की प्राकृतिक विरासत पर आधारित कॉफी टेबल बुक और विभिन्न पुस्तकों का भी विमोचन हुआ।
‘बस्तर पहाड़ी मैना’ संरक्षण की कहानी बनी आकर्षण
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राजकीय पक्षी ‘बस्तर पहाड़ी मैना’ के संरक्षण की प्रेरक कहानी भी प्रस्तुत की गई। वन्यजीव संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले हाथी मित्र दल, मैना मित्र दल और गिद्ध मित्र दल के सदस्यों को सम्मान पत्र देकर उनके कार्यों की सराहना की गई।
1233 हितग्राहियों को 17.09 करोड़ रुपये की सहायता
कार्यक्रम में ‘राज मोहिनी देवी सामाजिक सुरक्षा योजना’ के अंतर्गत जून 2026 तक 1233 हितग्राहियों को कुल 17 करोड़ 09 लाख रुपये की सहायता राशि एवं अनुदान वितरण का शुभारंभ भी किया गया।
समारोह में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे, जगदलपुर महापौर संजय पाण्डे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरणविद, ग्रामीण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
हरेली बर्ड फेस्टिवल ने बस्तर में प्रकृति संरक्षण और पर्यटन के बीच एक नई साझेदारी की उम्मीद जगाई है।