ड्यूटी से लापता BSF जवान की मौत, दो दिन बाद मिला शव; सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

असम में BSF जवान कमलेश केरकेट्टा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार और गांव में शोक की लहर है। 66वीं बटालियन में तैनात जवान ड्यूटी से लौटने के बाद कैंप से लापता हो गए थे। दो दिन तक तलाश के बाद उनका शव कैंप से करीब एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव में मिला।

रात्रिकालीन ड्यूटी के बाद हुए थे लापता

जानकारी के अनुसार कमलेश केरकेट्टा 6 अगस्त की रात करीब 12 बजे रात्रिकालीन ड्यूटी से लौटे थे। कुछ समय बाद वे कंपनी कैंप से लापता हो गए। जवान के नहीं मिलने पर BSF अधिकारियों और जवानों ने तलाश शुरू की। अगले दिन उनकी पत्नी को भी जवान के लापता होने की सूचना दी गई।

दो दिन बाद मिला शव

8 अगस्त को कैंप से करीब एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना BSF अधिकारियों को मिली। पहचान के लिए जवान की पत्नी ने उनके हाथ पर मौजूद विशेष काले निशान की जानकारी दी। इसी निशान के आधार पर शव की पहचान कमलेश केरकेट्टा के रूप में हुई।

जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के वास्तविक कारण सामने आने की उम्मीद है।

गृहग्राम में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

मंगलवार को जवान का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम कपाटबहरी लाया गया। BSF अधिकारियों और जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन और आसपास के लोग मौजूद रहे।

परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

कमलेश केरकेट्टा की असामयिक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों और ग्रामीणों ने जवान की मौत की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारण सामने लाने की मांग की है। अधिकारियों के अनुसार जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *