गांव-गांव में बैंकिंग की नई ताकत बनीं बैंक सखियां, घर बैठे मिल रही बैंक की सभी सुविधाएं

जगदलपुर6जुलाई 2026/बस्तर जिले में बैंक सखियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही हैं। अब ग्रामीणों को छोटी-छोटी बैंकिंग सेवाओं के लिए दूर स्थित बैंक शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। गांव में ही बैंक सखियों के माध्यम से नकद निकासी, जमा, बैलेंस जांच, धन अंतरण और सरकारी योजनाओं की राशि आसानी से मिल रही है। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बच रहे हैं।
माइक्रो एटीएम और आधार आधारित बैंकिंग प्रणाली के जरिए बैंक सखियां ग्रामीणों को घर के पास ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। साथ ही वे लोगों को डिजिटल भुगतान, सुरक्षित बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता के प्रति भी जागरूक कर रही हैं।
बैंक सखियों की वजह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मनरेगा मजदूरी और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की राशि समय पर हितग्राहियों तक पहुंच रही है। इससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
बैंक सखियां स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण परिवारों को नियमित बचत, बैंक खातों के उपयोग और डिजिटल लेन-देन के लिए भी प्रेरित कर रही हैं। इससे गांवों में वित्तीय अनुशासन बढ़ रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
जून माह के आंकड़े भी बैंक सखियों की सक्रियता को दर्शाते हैं। बस्तर जिले में कार्यरत 141 बैंक सखियों ने जून में पेंशन योजनाओं के 3,166 हितग्राहियों को 28.67 लाख रुपये, एमवीवीवाई के 4,097 हितग्राहियों को 38.82 लाख रुपये, स्वयं सहायता समूहों के 22,367 हितग्राहियों को 2.31 करोड़ रुपये से अधिक, मनरेगा के 2,103 हितग्राहियों को 15.46 लाख रुपये तथा अन्य 12,026 वित्तीय लेन-देन के माध्यम से 1.44 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सफलतापूर्वक भुगतान किया।
बैंक सखियां गांव और बैंक के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर शासन की वित्तीय समावेशन योजना को धरातल पर सफल बना रही हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी से न केवल बैंकिंग सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं, बल्कि ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।

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