पुणे, 2 अगस्त 2026राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।
सम्मान ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने देश के युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “स्वतंत्रता का मतलब अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी करना नहीं है।” युवाओं को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होना चाहिए।
डोभाल ने कहा कि भारत इस समय इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और देश के सामने विकसित राष्ट्र बनने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने युवाओं से कर्तव्य, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने की अपील करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हर नागरिक इसे अपना व्यक्तिगत दायित्व माने।
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को याद करते हुए उन्होंने कहा कि तिलक केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि महान समाज सुधारक और दार्शनिक भी थे। उन्होंने तिलक के संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और समाज के प्रति समर्पण को आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया। डोभाल ने कहा कि “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का संदेश आज भी देशवासियों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने अपने बचपन की पुणे की यादें भी साझा कीं और कहा कि लोकमान्य तिलक के नाम पर सम्मान मिलना उनके लिए गर्व और विनम्रता का विषय है। समारोह में उन्होंने सभी अतिथियों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लेने की अपील की।
राष्ट्रहित सर्वोपरि रखें, मनमर्जी नहीं है आज़ादी का मतलब” — लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित हुए NSA अजीत डोभाल