रायपुर, 25 जुलाई 2026। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों और उत्तरदायित्व का प्रेरक उदाहरण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सार्वजनिक जीवन के हर दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान केंद्रीय मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के सृजन में धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को उल्लेखनीय बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए पद छोड़ने का उनका निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और मर्यादा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे आगे भी राष्ट्रसेवा के माध्यम से देश के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देते रहेंगे।
वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति सहित कई ऐतिहासिक पहल उनके दूरदर्शी नेतृत्व की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में लिया गया यह निर्णय उनकी निष्ठा, उत्तरदायित्व और सेवा भाव का परिचायक है तथा उनका अनुभव आगे भी देश को नई ऊर्जा प्रदान करता रहेगा।