महादेव ऐप का मास्टरमाइंड निकला ‘अजन्ता मेंडिस’! फर्जी पासपोर्ट से ओमान में छिपा था सौरभ चंद्राकर

21जुलाई2026

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर ओमान में फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के सहारे रह रहा था और उसने अपनी पहचान बदलकर ‘अजन्ता मेंडिस’ नाम अपना रखा था। यह नाम श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर अजन्ता मेंडिस से मिलता-जुलता है, हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि क्रिकेटर का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

जांच में सामने आया है कि सौरभ ने फर्जी पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश किया था। पासपोर्ट में उसकी तस्वीर तो थी, लेकिन नाम और अन्य पहचान पूरी तरह बदली हुई थी। इतना ही नहीं, अलग-अलग दस्तावेजों में उसकी जन्मतिथि भी अलग-अलग दर्ज मिली है। पहले वानूआतू की नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों में जन्मतिथि 13 जनवरी 1995 बताई गई थी, जबकि फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट में 11 मार्च 1998 दर्ज है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सब भारत प्रत्यर्पण और कानूनी कार्रवाई से बचने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है। अब यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी पासपोर्ट तैयार करने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं और ‘अजन्ता मेंडिस’ नाम किसने चुना।

गौरतलब है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सौरभ चंद्राकर वर्ष 2023 से फरार था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी है। फर्जी पासपोर्ट और बदली हुई पहचान के खुलासे के बाद मामले की जांच और तेज हो गई है।

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