7जून2026
रायपुर। राजधानी रायपुर में चोरी की लग्जरी कारों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली-एनसीआर से चोरी की गई महंगी कारों को फर्जी दस्तावेज तैयार कर छत्तीसगढ़ में बेचने का खेल लंबे समय से चल रहा था। दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आए इस खुलासे ने वाहन खरीदारों और कारोबारी जगत में हड़कंप मचा दिया है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी के एक गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र से चोरी की गई कई लग्जरी कारों को रायपुर और आसपास के इलाकों में खपाया गया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस की विशेष टीम रायपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई शुरू की।
4 लग्जरी वाहन जब्त, कई और गाड़ियों की तलाश
जांच के दौरान पुलिस ने रायपुर से चार संदिग्ध लग्जरी वाहनों को जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह चोरी की कारों के नंबर प्लेट और चेसिस नंबर में हेरफेर कर उन्हें वैध वाहन के रूप में पेश करता था। इसके बाद फर्जी कागजात के जरिए इन गाड़ियों को बाजार में बेच दिया जाता था।
फर्जी आरसी से लेकर बैंक एनओसी तक तैयार करता था गिरोह
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के पास फर्जी दस्तावेज तैयार करने का पूरा नेटवर्क था। आरोपियों द्वारा नकली रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), बिक्री पत्र, बैंक एनओसी और वाहन ट्रांसफर से जुड़े अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे। वाहनों पर छत्तीसगढ़ की सीजी-04 सीरीज की नंबर प्लेट लगाकर उन्हें असली और वैध दिखाया जाता था।
25 से ज्यादा चोरी की कारें बेचने की आशंका
जांच एजेंसियों को आशंका है कि गिरोह अब तक 25 से अधिक चोरी की लग्जरी कारों को रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में बेच चुका है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
खरीदार भी जांच के घेरे में
मामले के खुलासे के बाद उन लोगों की भी जांच शुरू कर दी गई है जिन्होंने ये वाहन खरीदे थे। पुलिस दस्तावेजों की सत्यता, भुगतान के स्रोत और खरीद-बिक्री की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। जल्द ही कई वाहन मालिकों से पूछताछ की जा सकती है।
लग्जरी कार मालिकों में मचा हड़कंप
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद रायपुर सहित आसपास के जिलों में लग्जरी कार मालिकों और खरीदारों के बीच चिंता बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल लोगों तक पहुंचने में जुटी हुई है।
फिलहाल यह मामला छत्तीसगढ़ में चोरी की गाड़ियों के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक माना जा रहा है, जिसने वाहन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।