9जुलाई2026
जगदलपुर। बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा विकासखंड के ग्राम साडरा के किसान खगपति ने पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी आय दोगुनी कर ली है। कभी केवल वर्षा आधारित धान की खेती करने वाले खगपति की सालाना आय लगभग 80 हजार रुपये थी, लेकिन कृषि विभाग के मार्गदर्शन, नलकूप खनन, सोलर पंप और आधुनिक खेती के प्रशिक्षणों का लाभ लेने के बाद उनकी आय बढ़कर डेढ़ लाख रुपये से अधिक हो गई है।
करीब ढाई हेक्टेयर भूमि पर खेती करने वाले खगपति ने पिछले तीन वर्षों में उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर फसल उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। वे बताते हैं कि सही तकनीक, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और शासकीय योजनाओं का समय पर लाभ लेकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।
आज खगपति अपने गांव के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। वे किसानों को धान के साथ वैकल्पिक फसलों की खेती और फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कृषि विभाग ने भी किसानों से अपील की है कि वे कृषक उन्नति योजना का लाभ उठाएं। योजना के तहत जो किसान पिछले वर्ष धान वाले खेत में इस बार वैकल्पिक फसल लगाएंगे, उन्हें 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए किसान अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारी या स्थानीय लेम्पस में पंजीयन कराकर योजना का लाभ ले सकते हैं।