1जून2026
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंताजनक खबर सामने आई है। खरसिया वन परिक्षेत्र के गुर्दा गांव के पास मांड नदी में डूबने से एक हाथी के शावक की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार खरसिया रेंज के अंतर्गत मांड नदी के आसपास इन दिनों हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा है। बताया जा रहा है कि नदी पार करने या पानी पीने के दौरान एक शावक गहरे पानी में फंस गया। काफी प्रयासों के बावजूद वह बाहर नहीं निकल सका और उसकी डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद हाथियों का झुंड कुछ समय तक नदी किनारे ही मौजूद रहा।
वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। मृत शावक का परीक्षण कराया जा रहा है और मौत के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि मई महीने के दौरान डूबने से हाथी के शावकों की मौत का यह पांचवां मामला बताया जा रहा है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में वर्तमान में करीब 50 हाथियों का दल सक्रिय है, जिनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने, नदी-नालों के आसपास गश्त तेज करने और हाथियों के आवागमन वाले मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे हाथियों की मौजूदगी की जानकारी तत्काल वन अमले को दें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून पूर्व जलस्रोतों के आसपास हाथियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में छोटे शावक गहरे पानी या तेज बहाव वाले क्षेत्रों में फंस सकते हैं। लगातार हो रही घटनाएं हाथियों के संरक्षण और उनके सुरक्षित विचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और शावक की मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।