1जून2026
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठाने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शासकीय शिक्षक ने अपनी बेटी को निजी स्कूल में निःशुल्क प्रवेश दिलाने के लिए कथित तौर पर फर्जी आय प्रमाण पत्र और शपथ पत्र का सहारा लिया। जांच में खुलासा हुआ कि शिक्षक की वार्षिक आय करीब 6.79 लाख रुपये थी, जबकि उसने दस्तावेजों में अपनी सालाना आय मात्र 75 हजार रुपये दर्शाई थी। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।
शिकायत के बाद खुली परतें
मामला पत्थलगांव थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि जामझोर में पदस्थ शासकीय शिक्षक चमर साय पैंकरा ने अपनी पुत्री का कक्षा छठवीं में प्रवेश कराने के लिए गलत जानकारी देकर सरकारी योजना का लाभ लिया है।
शिकायत में कहा गया कि शिक्षक ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए संचालित योजना के तहत पात्रता हासिल करने के लिए अपनी आय कम दर्शाई और आवश्यक दस्तावेजों में भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की।
जवाहर उत्कर्ष योजना का लिया लाभ
जांच में सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने जवाहर उत्कर्ष योजना के तहत लाभ लेने के लिए स्वयं को किसान बताया और शपथ पत्र में वार्षिक आय केवल 75 हजार रुपये घोषित की। इसी आधार पर उसकी बेटी को निजी विद्यालय में निःशुल्क प्रवेश मिल गया।
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। ऐसे में फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाभ लेने का मामला सामने आने पर प्रशासन भी सतर्क हो गया।
वेतन रिकॉर्ड ने खोली पोल
पुलिस और संबंधित विभाग की संयुक्त जांच के दौरान शिक्षक के वेतन अभिलेख, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य आय संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। सत्यापन में पता चला कि शिक्षक की वास्तविक वार्षिक आय लगभग 6 लाख 79 हजार रुपये है, जो शपथ पत्र में दर्शाई गई आय से कई गुना अधिक है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते मामले का खुलासा नहीं होता तो एक वास्तविक जरूरतमंद छात्र योजना के लाभ से वंचित रह सकता था।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का सख्त संदेश
पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में फर्जी दस्तावेज लगाकर लाभ लेने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना शासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।