2जून2026
जगदलपुर। बस्तर जिले के दरभा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत ककालगुर के आश्रित ग्राम भडरीमऊ और आसपास के ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर है। वर्षों से राशन लेने के लिए 13 किलोमीटर दूर ककालगुर तक का सफर तय करने को मजबूर ग्रामीणों को अब इस परेशानी से छुटकारा मिलने वाला है। शासन ने भडरीमऊ में नई शासकीय उचित मूल्य दुकान (राशन दुकान) खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा।
समाधान शिविर में उठी थी मांग, कलेक्टर ने दिए थे निर्देश
दरअसल, 9 अप्रैल 2026 को आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों ने राशन दुकान की दूरी और इससे होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया था। ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा ने तत्काल भडरीमऊ में नई उचित मूल्य दुकान खोलने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दुकान आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
260 परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
भडरीमऊ और आसपास के क्षेत्र के करीब 260 परिवार वर्तमान में राशन प्राप्त करने के लिए ककालगुर तक 13 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। हालांकि दरभा से कोलेंग जाने वाला मुख्य मार्ग बेहतर स्थिति में है, लेकिन लंबी दूरी के कारण ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नई राशन दुकान शुरू होने के बाद लोगों को अपने ही गांव में खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
5 जून तक आमंत्रित किए गए आवेदन
नई शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन के लिए प्रशासन ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तोकापाल द्वारा 22 मई से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिनकी अंतिम तिथि 5 जून 2026 निर्धारित की गई है।
ये संस्थाएं कर सकेंगी आवेदन
दुकान संचालन के लिए निम्न संस्थाएं पात्र होंगी—
- पंजीकृत सहकारी समितियां
- ग्राम पंचायतें
- महिला स्व-सहायता समूह
- वन सुरक्षा समितियां
इच्छुक संस्थाओं और समितियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तोकापाल में जमा करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों में खुशी का माहौल
नई राशन दुकान की स्वीकृति से भडरीमऊ और आसपास के गांवों के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से वे इस सुविधा की मांग कर रहे थे। अब गांव में ही राशन उपलब्ध होने से उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा।
यह पहल न केवल ग्रामीणों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों तक जनकल्याणकारी योजनाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।