8जून2026
जांजगीर-चांपा/सक्ती। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट के बाहर ठेका श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। श्रमिकों का आरोप है कि 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर हादसे के बाद 200 से अधिक कर्मचारियों को बिना किसी लिखित सूचना के काम से हटा दिया गया। इसके विरोध में दर्जनों श्रमिक प्लांट के गेट नंबर-1 के सामने धरने पर बैठ गए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
श्रमिकों के अनुसार, एनजीएसएल कंपनी के माध्यम से करीब 400 कर्मचारी प्लांट में कार्यरत थे। हादसे के बाद उत्पादन और रखरखाव कार्य प्रभावित होने के साथ बड़ी संख्या में कर्मचारियों को मौखिक रूप से कार्य से पृथक कर दिया गया। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
धरना दे रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि न तो उन्हें हटाए जाने का कोई लिखित आदेश दिया गया और न ही वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था की गई। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सभी प्रभावित श्रमिकों को पुनः काम पर रखा जाए या नई एजेंसी में समायोजित किया जाए। साथ ही मई-जून का बकाया वेतन, तीन माह का अतिरिक्त मुआवजा, अनुभव प्रमाण पत्र, एनओसी तथा पीएफ, ईएसआईसी और बोनस सहित लंबित देयों का भुगतान किया जाए।
गौरतलब है कि 14 अप्रैल 2026 को वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर हादसे में 25 श्रमिकों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से प्लांट की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब रोजगार समाप्त किए जाने के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और उग्र रूप दिया जाएगा।