जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने बड़ा फैसला, किसानों और जरूरी सेवाओं को रहेगी राहत
23मई 2026
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी नए आदेश के तहत अब प्रदेश के किसी भी पेट्रोल पंप से ड्रम, बोतल या जेरीकेन में पेट्रोल-डीजल का विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। शासन ने ईंधन की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।
नए निर्देशों के अनुसार अब पेट्रोल पंप संचालकों को केवल वाहनों की टंकी में ही ईंधन भरना होगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल प्रदाय एवं वितरण विनियमन आदेश 2005 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि किसानों और जरूरी सेवाओं को इस प्रतिबंध से राहत दी गई है। रबी फसल कटाई, खरीफ सीजन की तैयारी, रेलवे, सड़क और भवन निर्माण जैसे शासकीय कार्यों के अलावा अस्पताल और मोबाइल टॉवर जैसी अत्यावश्यक सेवाओं के लिए ड्रम या जेरीकेन में ईंधन दिया जा सकेगा।
इसके लिए संबंधित व्यक्तियों या विभागों को एसडीएम के पास आवेदन देना होगा। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा मांग का परीक्षण और अनुमति मिलने के बाद ही सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा।