दंतेवाड़ा, 31 मार्च 2026।
दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में चलाए जा रहे “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 5 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 4 महिला माओवादी भी शामिल हैं और इन सभी पर कुल 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए इंसास, एसएलआर, बीजीएल समेत कुल 40 घातक हथियार बरामद किए हैं। इसे नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को बड़ा झटका लगा है।
जिला पुलिस लाइन कारली में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यह आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम संपन्न हुआ। अधिकारियों ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने वाले माओवादियों को सुरक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
अभियान के प्रभाव से वर्ष 2024 से अब तक दंतेवाड़ा जिले में 607 माओवादी कैडर हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। वहीं संयुक्त नक्सल विरोधी अभियानों में 92 माओवादियों की गिरफ्तारी और 54 माओवादियों के मारे जाने की भी सफलता मिली है।
आत्मसमर्पण करने वालों में भैरमगढ़ एरिया कमेटी के एसीएम सोमे कड़ती सहित लखमा ओयाम, सरिता पोड़ियाम, जोगी कलमू और मोटी ओयाम शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूना मारगेम अभियान का उद्देश्य बस्तर में शांति, विकास और विश्वास का वातावरण तैयार करना है, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो सके।
पूना मारगेम अभियान की बड़ी सफलता: 5 इनामी माओवादी मुख्यधारा में लौटे, 40 घातक हथियार बरामद