31मार्च 26
कांकेर। नक्सल मुक्त भारत की 31 मार्च की तय डेडलाइन से पहले छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर सुरक्षा बलों के सामने हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में हिड़मे और शंकर शामिल हैं, जिनमें से एक नक्सली अपने साथ AK-47 रायफल लेकर पहुंचा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के कारण नक्सलियों में आत्मसमर्पण की संख्या बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि कांकेर के जंगलों में अभी भी करीब 115 नक्सली सक्रिय हैं, जिन पर सुरक्षा बलों की लगातार नजर बनी हुई है।
केंद्र सरकार ने देश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की है। इसी अभियान के तहत रेड कॉरिडोर के क्षेत्रों में लगातार ऑपरेशन और विकास कार्यों को तेज किया गया है, जिससे नक्सलियों पर दबाव बढ़ा है और वे मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
इधर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भी एक बड़े माओवादी कमांडर सहित कई कैडरों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि राजनांदगांव रेंज के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में जंगल से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में नक्सल विरोधी अभियान और तेज किया जाएगा।
नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प को लेकर लगातार आत्मसमर्पण और कार्रवाई का सिलसिला जारी है, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास की उम्मीद मजबूत हो रही है।