31मई 2026
जशपुर। पुलिस विभाग में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से ड्यूटी के प्रति लापरवाही और बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के बाद कठोर कदम उठाए गए हैं। इस कार्रवाई में तीन आरक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि दो अन्य कर्मचारियों को अलग-अलग प्रकार के दंड दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार संबंधित पुलिसकर्मी लगातार अपने कर्तव्यों की अनदेखी कर रहे थे और बिना अनुमति लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहने की शिकायतें मिल रही थीं। मामले को गंभीर मानते हुए विभागीय जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद दोषी कर्मचारियों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के तहत तीन आरक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। वहीं एक कर्मचारी की एक वेतन वृद्धि के बराबर राशि की कटौती संचयी प्रभाव से किए जाने का आदेश दिया गया है। दूसरे कर्मचारी को एक वर्ष के लिए आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान पर लाने की सजा दी गई है, जिसका असर उसकी भविष्य की वेतन वृद्धि और पेंशन संबंधी लाभों पर भी पड़ेगा।
पुलिस विभाग का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों से उच्च स्तर की जवाबदेही और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में ड्यूटी में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विभागीय अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस फैसले के बाद पुलिस महकमे में अनुशासन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है और कर्मचारियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई तय है।