दंतेवाड़ा |कभी नक्सलगढ़ के नाम से पहचाना जाने वाला दंतेवाड़ा जिला अब शिक्षा, नवाचार और प्रतिभा की नई कहानी लिख रहा है। विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से बदलते इस जिले ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है। दंतेवाड़ा के तीन होनहार बच्चों ने इंटरनेशनल अबेकस ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन कर अपना ही नहीं, बल्कि पूरे बस्तर का नाम रोशन किया है।
दिव्या साहू, एकलव्य वर्मा और राशि ठाकुर ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ‘इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में अपना नाम दर्ज कराया है। यह उपलब्धि दंतेवाड़ा जिले के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है।
इस सफलता के पीछे दंतेवाड़ा पुलिस की एक सराहनीय पहल भी जुड़ी हुई है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में अगस्त 2025 से पुलिस लाइन कारली में एक विशेष अबेकस प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत पुलिस परिवार के बच्चों के साथ-साथ आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों को पूरी तरह नि:शुल्क अबेकस शिक्षा दी जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों में गणितीय दक्षता, मानसिक तेजी और शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास विकसित करना है।
इंटरनेशनल अबेकस ओलंपियाड में सऊदी अरब, दुबई, बांग्लादेश, श्रीलंका, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया सहित आठ देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में बच्चों को 10 मिनट में 150 गणितीय प्रश्न हल करने की चुनौती दी गई थी। दंतेवाड़ा जिले के कुल 13 छात्रों ने विभिन्न स्तरों पर भाग लिया, जिनमें से तीन छात्रों ने उच्च सटीकता के साथ शानदार प्रदर्शन किया।
तीनों बच्चों ने अपने-अपने लेवल में दुनिया के ‘टॉप 100’ प्रतिभागियों में जगह बनाते हुए चैंपियन का खिताब हासिल किया।