करंट का काल: कबीरधाम में खेत बना मौत का जाल, पिता-पुत्र समेत 8 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत

कवर्धा3जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच करंट लगने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक ही दिन तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें खेत में काम कर रहे पिता-पुत्र और अर्थिंग तार की चपेट में आया एक 8 वर्षीय मासूम शामिल है। हादसों के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
पहली घटना सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बीरनपुर कला की है। यहां खेत की मेड़ पर लगाए गए विद्युत झटका तार (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) की चपेट में आने से किसान गोकरण पटेल (55) और उनके पुत्र परेश पटेल (22) की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों धान की बुआई के लिए खेत पहुंचे थे। बारिश के कारण खेत में पानी भरा हुआ था। इसी दौरान परेश करंट की चपेट में आ गया। बेटे को बचाने दौड़े पिता गोकरण भी करंट की चपेट में आ गए और दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
काफी देर तक दोनों के घर नहीं लौटने पर परिजन खेत पहुंचे। वहां दोनों को बेसुध पड़ा देखकर ग्रामीणों की मदद से बिजली आपूर्ति बंद कराई गई, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दूसरी घटना कुकदुर थाना क्षेत्र के नागाटोला माठपुर गांव की है। यहां बिजली के पोल के अर्थिंग तार में कथित रूप से करंट दौड़ने से श्रवण बैगा (8 वर्ष) की मौत हो गई। बताया गया कि श्रवण गांव में खेल रहा था। इसी दौरान वह अर्थिंग तार के संपर्क में आ गया और मौके पर ही उसकी जान चली गई।
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अर्थिंग तार में करंट प्रवाहित होना बड़ी लापरवाही का परिणाम है। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
पुलिस और बिजली विभाग दोनों मामलों की जांच में जुटे हैं। शुरुआती जांच में बारिश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और विद्युत तंत्र की खामियों की भी पड़ताल की जा रही है।

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