कसडोल29जून2026 छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र में पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने नौकरी दिलाने का झांसा देकर गैंगरेप के झूठे आरोप लगाने की साजिश रची और एक सरपंच व बीडीसी सदस्य से तीन लाख रुपये की उगाही कर ली। मामले की गहन जांच के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 24 जून को एक युवती ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के सरपंच और बीडीसी सदस्य ने नौकरी दिलाने का लालच देकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायत सामने आते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पूछताछ और साक्ष्यों के परीक्षण के दौरान मामला पूरी तरह पलट गया। जांच में युवती ने स्वीकार किया कि उसके साथ किसी प्रकार की दुष्कर्म की घटना नहीं हुई थी। उसने बताया कि कुछ लोगों ने उसे झूठी शिकायत करने के लिए तैयार किया था ताकि सरपंच और बीडीसी सदस्य को गैंगरेप के मामले में फंसाकर उनसे बड़ी रकम वसूली जा सके।
पुलिस जांच में सामने आया कि पूरी घटना पहले से सुनियोजित थी। आरोपियों ने गैंगरेप के मामले में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देकर तीन लाख रुपये की उगाही की थी। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भागवत थवाईत (27), दीपक थवाईत (18), शिवा चेलक (19), विजय शंकर (40) तथा पूनम (18) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल की गई एक महिंद्रा थार वाहन और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। यदि इस साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नौकरी का झांसा देकर ब्लैकमेलिंग का खेल बेनकाब, 3 लाख की उगाही में 5 गिरफ्तार