मलकानगिरी, 29 जून। आंध्र-ओडिशा सीमा (Andhra–Odisha Border-AOB) के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियारों, विस्फोटकों और संचार उपकरणों का भारी जखीरा बरामद किया है। यह कार्रवाई ओडिशा के मलकानगिरी जिले में आंध्र प्रदेश से लगे दुर्गम वन क्षेत्र में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान की गई।
आंध्र-ओडिशा सीमा का यह इलाका लंबे समय से माओवादी संगठन का रणनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण माओवादी यहां हथियार, विस्फोटक और रसद सामग्री छिपाकर रखते रहे हैं। इसी वजह से सुरक्षा बल इस पूरे क्षेत्र में लगातार सर्च और कॉम्बिंग अभियान चला रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सर्च ऑपरेशन के दौरान दो एसएलआर राइफल, दो पिस्तौल, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, कारतूस, वायरलेस संचार उपकरण, वॉकी-टॉकी सेट, बैटरियां, एंटीना, हार्ड डिस्क, पेनड्राइव, दवा किट सहित अन्य सामान बरामद किया गया।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह पूरा जखीरा माओवादी संगठन का है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इन हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल किस नक्सली दल द्वारा और किस उद्देश्य से किया जाना था।
अधिकारियों का कहना है कि हाल के महीनों में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली सूचनाओं के आधार पर लगातार ऐसी सफलताएं मिल रही हैं। इससे माओवादियों के हथियारों के भंडार, संचार तंत्र और लॉजिस्टिक नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंच रहा है।
फिलहाल पुलिस ने बरामद सभी सामग्री को जब्त कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। वहीं, आंध्र-ओडिशा सीमा से लगे संवेदनशील जंगलों में सुरक्षा बलों का सर्च और कॉम्बिंग अभियान लगातार जारी है।