11जून2026
जगदलपुर। बस्तर संभाग की सबसे बड़ी जेल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जगदलपुर केंद्रीय कारागार में महज 10 दिनों के भीतर तीन कैदियों की मौत ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।
ताजा मामला 60 वर्षीय विचाराधीन बंदी सुंदु कश्यप की मौत का है, जो दुष्कर्म के मामले में 28 दिसंबर 2025 से जेल में बंद था। बताया जा रहा है कि 6 जून की रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज डिमरापाल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान 7 जून की सुबह उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक रिपोर्ट में हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्या को मौत का कारण बताया गया है।
इससे पहले 1 जून को हत्या के आरोप में बंद महिला कैदी रयमती बघेल ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं कुछ दिनों बाद नक्सली मामलों में बंद विचाराधीन कैदी रमेश कुंजाम की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन का दावा है कि वह बाथरूम में फिसलकर गिर गया था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई।
लगातार तीन मौतों के बाद विपक्षी कांग्रेस ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पार्टी ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने तथा मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 10 दिनों के भीतर तीन-तीन मौतें महज संयोग हैं या फिर जेल व्यवस्था में कहीं कोई बड़ी चूक छिपी हुई है?