बीजापुर, 14 मार्च।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को मजबूत करने की दिशा में बीजापुर जिले के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बड़े गुंडेम में नया सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैंप स्थापित किया गया है। 12 मार्च को सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने दुर्गम परिस्थितियों के बीच इस कैंप की स्थापना कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
डीआरजी, जिला बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 12वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया। घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने साहस और दृढ़ संकल्प के साथ कैंप स्थापित कर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है।
प्रशासन का मानना है कि इस कैंप के स्थापित होने से भोपालपटनम से फरसेगढ़ तक संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी और नेशनल पार्क क्षेत्र के दूरस्थ गांवों तक सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का रास्ता साफ होगा। इससे ग्रामीणों के आवागमन के साथ प्रशासनिक पहुंच भी बेहतर होगी।
नए कैंप के जरिए आसपास के ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, राशन, मोबाइल नेटवर्क, सड़क और पुल-पुलिया जैसी सुविधाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही माओवादी गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी, जिससे इलाके में शांति और विश्वास का माहौल बनेगा।
बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत वर्ष 2024 से अब तक 37 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 955 माओवादी पुनर्वासित हुए हैं, 234 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं, जबकि 1184 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह कैंप बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. के मार्गदर्शन में और बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में स्थापित किया गया। प्रशासन का कहना है कि इससे नक्सल विरोधी अभियानों को गति मिलेगी और आसपास के गांवों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
नक्सल प्रभावित बड़े गुंडेम में सुरक्षा कैंप स्थापित, विकास और भरोसे की नई शुरुआत