गलगोटिया यूनिवर्सिटी के ‘चीनी रोबोटिक डॉग’ पर बवाल: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बोले—बड़ी चूक, समिट के बाद होगा फैसला

दिल्ली-/21/02/2026एग्रेटर नोएडा में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में दिखाए गए एक रोबोटिक कुत्ते को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को इस घटना को “बड़ी चूक” बताते हुए साफ कहा कि समिट खत्म होने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
पासवान ने कहा कि किसी यूनिवर्सिटी द्वारा गलत जानकारी के साथ किसी तकनीक को प्रस्तुत करना और उस पर मालिकाना हक जताना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कार्यक्रम में मौजूद यूनिवर्सिटी प्रतिनिधि स्थिति को सही ठहराने के लिए सोच-समझकर शब्दों का इस्तेमाल करती नजर आईं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि जब देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का AI समिट आयोजित हो रहा हो, तब ऐसी घटनाएं भारत की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने कहा कि समिट अभी जारी है और इसके समाप्त होने के बाद सरकार तय करेगी कि क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके मुताबिक जिस तरह से तकनीक को पेश किया गया, उससे वैश्विक स्तर पर गलत संदेश गया है।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब यूनिवर्सिटी की कम्युनिकेशन प्रोफेसर नेहा सिंह ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि यूनिवर्सिटी के पवेलियन में दिखाया गया रोबोटिक कुत्ता उनके ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ द्वारा विकसित किया गया है और उसका नाम “ओरियन” है। बाद में सामने आया कि यह दरअसल चीन की कंपनी Unitree Robotics का बनाया हुआ रोबोटिक डॉग Go2 मॉडल है।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूनिवर्सिटी की कड़ी आलोचना हुई। नेहा सिंह ने बाद में इसे “गलत कम्युनिकेशन” का परिणाम बताया, जबकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी बयान जारी कर कहा कि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं था और इस भ्रम के लिए माफी मांगी गई है।
इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों ने भी आयोजकों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए यूनिवर्सिटी पर पेनल्टी सहित सख्त कार्रवाई की मांग की है। केंद्र सरकार ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म पर केवल वास्तविक और मौलिक कार्य ही प्रस्तुत किए जाने चाहिए तथा गलत जानकारी को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।
मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है और समिट समाप्त होने के बाद संभावित सरकारी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *