9जून2026
आगरा। आगरा की दीवानी कचहरी में सोमवार को एक अनोखा और हैरान कर देने वाला विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। फायर सर्विस का निलंबित कर्मचारी जितेंद्र राठौर फायरमैन की वर्दी पहनकर और कॉकरोच का रूप धारण कर घुटनों के बल रेंगते हुए कचहरी पहुंचा। हाथों में अखबारों की कटिंग लिए वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाता नजर आया।
जितेंद्र राठौर पर 2024 में एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। सोमवार को इसी मामले की सुनवाई के लिए वह अदालत पहुंचे थे। कचहरी परिसर में उनके अनोखे प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें गेट पर रोक दिया, जिसके बाद वे वहीं धरने पर बैठ गए।
जितेंद्र का दावा है कि उन्होंने फरवरी 2024 में एक कथित नकल माफिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और उसी के प्रतिशोध में उन पर झूठा यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया। उनका कहना है कि जिस दिन घटना का आरोप लगाया गया, उस दिन वे महाराजगंज जिले में ड्यूटी पर तैनात थे। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि वे दोषी हैं तो उन्हें जेल भेजा जाए, लेकिन यदि निर्दोष हैं तो उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
गणित विषय से नेट क्वालिफाइड जितेंद्र ने बताया कि देशभर में उनकी रैंक 132वीं रही है, लेकिन मुकदमे के कारण उन्हें कोई शिक्षण संस्थान नौकरी देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सामाजिक और मानसिक प्रताड़ना के चलते उन्होंने शिकोहाबाद में “कॉकरोच कोचिंग सेंटर” शुरू किया है।
जितेंद्र ने बताया कि वह स्वयं को “कॉकरोच जनता पार्टी” की सोच से प्रभावित मानते हैं। उनका कहना है कि समाज में उपेक्षित और संघर्षरत लोगों की आवाज उठाने के लिए उन्होंने यह प्रतीकात्मक रूप अपनाया है। अदालत में सुनवाई के दौरान कथित पीड़िता के उपस्थित नहीं होने पर भी उन्होंने सवाल उठाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
यह अनोखा प्रदर्शन अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। कोई इसे न्याय की लड़ाई का अनोखा तरीका बता रहा है तो कोई इसे व्यवस्था के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध मान रहा है। हालांकि मामले की सच्चाई अदालत की सुनवाई और जांच के बाद ही सामने आएगी।