9जून2026
नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह 2026 के दौरान एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे देश को भाव-विभोर कर दिया। भारतीय सेना के वीर जवान जंजाल प्रवीण प्रभाकर को उनकी असाधारण वीरता, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करने के दौरान शहीद की मां की आंखों से आंसू छलक पड़े, जिसे देखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए उन्हें गले लगाया और ढांढस बंधाया।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में शहीद की पत्नी शंभाला प्रवीण जंजाल और मां शालू प्रभाकर जंजाल ने यह सम्मान ग्रहण किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।
सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर ने 6 जुलाई 2024 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में चलाए गए आतंकवाद-रोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया था। भीषण मुठभेड़ में उन्होंने दो आतंकवादियों को मार गिराया, लेकिन मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान में उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया गया।
समारोह का सबसे मार्मिक पल तब आया जब बेटे की शहादत को याद कर उनकी मां भावुक हो गईं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं आगे बढ़ीं और उन्हें गले लगाकर सांत्वना दी। यह दृश्य वहां उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम कर गया और देशभर में शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना का प्रतीक बन गया।
रक्षा अलंकरण समारोह में कई अन्य वीर सैनिकों और अधिकारियों को भी उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया, लेकिन शहीद जंजाल प्रवीण प्रभाकर की मां और राष्ट्रपति के बीच का यह भावुक क्षण पूरे समारोह का सबसे यादगार दृश्य बन गया। उनके बलिदान और साहस को देश हमेशा गर्व के साथ याद रखेगा।