8जून2026
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां एक बीमार युवक को अस्पतालों के बीच ले जाने के लिए न तो एम्बुलेंस मिली और न ही कोई कर्मचारी सहायता के लिए मौजूद था। मजबूर होकर उसके माता-पिता को भीषण गर्मी में स्वयं स्ट्रेचर धकेलते हुए बेटे को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, आदर्श नामक युवक का रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी के कारण इंदौर के एमवाय अस्पताल में 15 दिनों तक इलाज चला। बाद में उसे जांच के लिए नजदीकी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया। वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने केवल दस्तावेजों की जांच की और उसे वापस ले जाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। एम्बुलेंस, वार्ड बॉय या अन्य स्टाफ की अनुपलब्धता के कारण माता-पिता को ही बेटे को स्ट्रेचर पर लेकर अस्पतालों के बीच पैदल चलना पड़ा।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि एमवाय अस्पताल में पहले भी स्टाफ की कमी और मरीजों की देखभाल में लापरवाही के मामले सामने आ चुके हैं। घटना पर लोगों में आक्रोश है और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तथा पर्याप्त कर्मचारियों की मांग उठ रही है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।