जगदलपुर, 08 जून 2026। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार छात्र-छात्राओं को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी स्कूलों में कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा का लाभ मिलेगा। चयनित विद्यार्थियों की स्कूल फीस सहित पढ़ाई का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए 05 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक राज्य स्तरीय लिखित प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है।
योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना, स्थायी जाति प्रमाण पत्र धारक होना तथा वर्तमान में किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में अध्ययनरत होना आवश्यक है। साथ ही कक्षा 4वीं में न्यूनतम 80 प्रतिशत अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त होना चाहिए। अभिभावक की वार्षिक आय सभी स्रोतों से मिलाकर 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्राथमिकता देने वाली इस योजना में केवल ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों से कक्षा 4वीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं ही पात्र होंगे। विद्यार्थियों को अपने मूल जिले में ही आवेदन करना होगा।
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 20 जून 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन पत्र संबंधित विद्यालय में जमा किए जा सकते हैं। विभाग ने सभी प्रधान पाठकों एवं शिक्षकों से पात्र विद्यार्थियों को योजना की जानकारी देकर आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।
05 जुलाई को होने वाली प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रतिष्ठित निजी विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा का रास्ता खुलेगा, जो उनके बेहतर भविष्य और करियर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।