“पीरियड पर खुलकर” : सेंट्रल जेल जगदलपुर में टूटी झिझक की दीवार, महिला कैदियों ने साझा किए अपने अनुभव

28मई226

जगदलपुर। मासिक धर्म जैसे संवेदनशील विषय पर समाज में फैली चुप्पी और संकोच को तोड़ने की दिशा में गुरुवार को सेंट्रल जेल जगदलपुर में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बस्तर और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर “पीरियड पर खुलकर” थीम आधारित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य, स्वच्छता और मानसिक सहयोग के प्रति जागरूक करना था।

सेंट्रल जेल में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में लगभग 150 महिला कैदियों ने भाग लिया। शुरुआत में महिलाएं इस विषय पर खुलकर बात करने में संकोच महसूस कर रही थीं, लेकिन जैसे-जैसे संवाद आगे बढ़ा, माहौल सहज होता गया। कार्यक्रम में मौजूद स्काउट्स एवं गाइड्स के पदाधिकारियों और प्रशिक्षकों ने बेहद सरल और आत्मीय तरीके से महिलाओं से बातचीत की, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा।

कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब सामने आया जब महिला कैदी पदमा ने गोंडी भाषा में अपने पहले मासिक धर्म के अनुभव और उस दौरान महसूस हुई मानसिक परेशानियों को साझा किया। उनके साहस ने अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया और कई महिला कैदियों ने पहली बार खुले मंच पर पीरियड्स के दौरान होने वाली शारीरिक समस्याओं, सामाजिक असहजता और पारिवारिक चुनौतियों के बारे में अपनी बातें रखीं। इस संवाद ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक और जागरूक दोनों किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मासिक धर्म केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। पुरुषों की जागरूकता और संवेदनशीलता से महिलाओं को इन दिनों बेहतर मानसिक और सामाजिक सहयोग मिल सकता है। वक्ताओं ने कहा कि परिवार और समाज में सकारात्मक माहौल बनने से महिलाओं का आत्मविश्वास भी मजबूत होता है।

इस दौरान महिला कैदियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, संक्रमण से बचाव और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले सरल लेकिन जरूरी उपायों के बारे में भी समझाया गया, ताकि महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग रह सकें।

कार्यक्रम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बस्तर के पदाधिकारी, प्रशिक्षक और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन के अंत में जेल प्रशासन और जिला प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह जागरूकता अभियान आने वाले समय में और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा तथा जून माह में जिले के विभिन्न ब्लॉकों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि मासिक धर्म को लेकर समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाई जा सके।

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