29मई 2026
बस्तर की धरती अब केवल अपनी संस्कृति और परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं के लिए भी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रही है। जगदलपुर के धरमपुरा खेल परिसर में आवासीय खेल अकादमी बस्तर के लिए चयन ट्रायल शुरू हो चुका है, जहां प्रदेशभर से पहुंचे युवा खिलाड़ी अपने सपनों को नई उड़ान देने मैदान में दमखम दिखा रहे हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित यह चयन प्रक्रिया जिले में खेलों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस चयन ट्रायल में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से कुल 248 खिलाड़ी शामिल हुए हैं। धरमपुरा खेल परिसर में सुबह से ही खिलाड़ियों के उत्साह, ऊर्जा और जोश का माहौल देखने को मिला। सबसे ज्यादा रुचि फुटबॉल में दिखाई दी, जहां 137 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा 95 खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स और 16 खिलाड़ियों ने तीरंदाजी में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
जिला खेल अधिकारी सुशांत पॉल ने बताया कि जगदलपुर में छत्तीसगढ़ की पहली आवासीय बालक फुटबॉल अकादमी शुरू की जा रही है, जो प्रदेश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और उच्च स्तर का बनाने के लिए अनुभवी प्रशिक्षकों और विशेषज्ञ कोचों की टीम मैदान में उतरी है। एथलेटिक्स खिलाड़ियों का परीक्षण द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच जसविंदर सिंह भाटिया, कोच स्नेह यादव और हिमांशु चंद्राकर द्वारा किया जा रहा है। वहीं फुटबॉल खिलाड़ियों को रायपुर की कोच सरिता यादव परख रही हैं। तीरंदाजी के प्रतिभागियों का मार्गदर्शन आर्चरी कोच बिंदेश्वरी मरावी और दुर्गेश नंदिनी गोस्वामी कर रही हैं।
दूर-दराज से पहुंचे खिलाड़ियों के लिए जिला प्रशासन ने ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी विशेष व्यवस्था की है ताकि खिलाड़ी बिना किसी परेशानी के केवल अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
इस आवासीय खेल अकादमी की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि चयनित खिलाड़ियों को पूरी तरह निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आधुनिक खेल किट, विशेषज्ञ प्रशिक्षण, अत्याधुनिक खेल सामग्री, आवास और पौष्टिक भोजन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। प्रशासन का उद्देश्य खिलाड़ियों को ऐसा माहौल देना है, जहां से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकें।
धरमपुरा में शुरू हुआ यह ट्रायल केवल चयन प्रक्रिया नहीं, बल्कि बस्तर के खेल भविष्य की नई शुरुआत माना जा रहा है। आने वाले समय में यही खिलाड़ी प्रदेश और देश का नाम रोशन करते नजर आ सकते हैं।