29मई 2026
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक क्लर्क को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी प्रदीप मिश्रा पर आरोप है कि उसने सेवानिवृत्त शिक्षक से जीपीएफ पासबुक में एंट्री कराने के बदले पैसों की मांग की थी।
जानकारी के मुताबिक, रिटायर शिक्षक अमृतलाल बघेल लंबे समय से अपने जीपीएफ रिकॉर्ड में एंट्री कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि संबंधित बाबू ने उनका काम करने के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की। परेशान होकर शिक्षक ने बिलासपुर स्थित ACB कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया।
शुक्रवार को समाधान शिविर के दौरान जैसे ही शिक्षक ने तय रकम आरोपी क्लर्क को सौंपी, पहले से निगरानी कर रही ACB टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से शिविर परिसर में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद कर्मचारी व अधिकारी भी हैरान रह गए। ACB अधिकारियों ने आरोपी को मौके पर ही हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि आरोपी कर्मचारी पहले भी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवादों में रह चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए भी पैसे मांगने की शिकायतें सामने आती रही हैं। फिलहाल ACB यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने और किन लोगों से अवैध वसूली की थी तथा इस मामले में किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका तो नहीं है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सुशासन तिहार जैसे सरकारी कार्यक्रम में हुई इस कार्रवाई ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।