15मई 2026
कांकेर। बस्तर में नक्सलवाद की कमर टूटने के बाद अब सुरक्षा बल जंगलों में छिपाए गए हथियारों और विस्फोटकों को खोजने में जुटे हुए हैं। कांकेर और नारायणपुर की सीमा से पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल करते हुए भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद की है। जंगलों में जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए इस डंप से 50 से ज्यादा हथियार, 10 आईईडी, करीब 46 किलो बारूद और सैकड़ों कारतूस बरामद किए गए हैं।
कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों की निशानदेही पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि माड़ क्षेत्र के घने जंगलों में नक्सलियों ने अपने हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है। इसके बाद पुलिस और बीएसएफ की टीम ने कई दिनों तक सघन तलाशी अभियान चलाया।
दरअसल, पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सल संगठन को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। मुठभेड़ों और ऑपरेशन के दबाव के चलते नक्सलियों ने अपने हथियार, गोला-बारूद और अन्य जरूरी सामान जंगलों में दफन कर दिए थे ताकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके। अब पुलिस इन्हीं गुप्त ठिकानों को खोजकर नक्सलियों की ताकत को पूरी तरह खत्म करने में लगी है।
बरामद सामग्री में 7.62 एसएलआर एलएमजी, 5.56 एलएमजी, .303 रायफल, देशी सिंगल शॉट गन, बीजीएल लॉन्चर, भरमार बंदूकें, 12 बोर कट्टे, 315 बोर बंदूक और 7.65 एमएम पिस्टल जैसे हथियार शामिल हैं। इसके अलावा 10 कुकर बम, एक तीर बम, 469 कारतूस, 34 बीजीएल सेल, 13 मैगजीन और करीब 46 किलो बारूद भी जब्त किया गया है। पुलिस ने मौके से वॉकी-टॉकी सेट और गैस वेल्डिंग मशीन भी बरामद की है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि नक्सली यहां हथियारों की मरम्मत और विस्फोटक तैयार करने का काम भी करते थे।
माड़ क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। घने जंगल और दुर्गम इलाके का फायदा उठाकर नक्सली यहां अपने हथियार और रसद छिपाकर रखते थे। लेकिन अब लगातार चल रहे ऑपरेशन से सुरक्षा बल इन इलाकों में गहराई तक पहुंच रहे हैं।
एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस को जहां-जहां सूचना मिलेगी वहां सर्च ऑपरेशन चलाकर हथियार और विस्फोटक बरामद किए जाएंगे ताकि भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम न दिया जा सके।