10 लाख में खरीदा NEET का पेपर, फिर भी बेटा नहीं कर पाया कमाल… CBI जांच में खुली करोड़ों के खेल की परतें

15मई 2026

जयपुर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG-2026 पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब केंद्रीय जांच एजेंसी CBI की पूछताछ में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी दिनेश बिवाल ने अपने बेटे को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये देकर परीक्षा का पेपर खरीदा था, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि उसका बेटा परीक्षा में केवल 107 अंकों के सवाल ही सही कर पाया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, दिनेश ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अपने बेटे ऋषि के लिए दलालों के जरिए प्रश्नपत्र हासिल किया था। इसके लिए मोटी रकम चुकाई गई थी। हालांकि पेपर मिलने के बावजूद बेटा परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। यही नहीं, CBI को जांच के दौरान कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिनमें टेलीग्राम पर साझा किए गए पीडीएफ, व्हाट्सऐप चैट और संदिग्ध लेन-देन की जानकारी शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान के सीकर में एक फ्लैट को इस पूरे नेटवर्क का अहम ठिकाना माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को शक है कि यहीं से कई छात्रों तक पेपर और उत्तर पहुंचाए गए। अब तक करीब 150 छात्रों को संदेह के दायरे में रखा गया है, जिनके रोल, कॉल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है।
CBI को यह भी अंदेशा है कि यह नेटवर्क सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में सक्रिय गिरोह इसके पीछे काम कर रहे थे। करोड़ों रुपये के इस कथित रैकेट में बिचौलियों, कोचिंग कनेक्शन और तकनीकी माध्यमों के इस्तेमाल की भी जांच हो रही है।
इस मामले के सामने आने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर फिर सवाल उठने लगे हैं। लाखों मेहनती छात्रों और अभिभावकों के बीच इस घटना ने नाराजगी पैदा कर दी है। अब सभी की नजर CBI की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है, क्योंकि जांच एजेंसी जल्द ही कई और गिरफ्तारियां कर सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *