जगदलपुर, 13 मई 2026/ ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) जगदलपुर में 17 दिवसीय “पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम” की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर पशु चिकित्सालय विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. डीके नेताम, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक भार्गव, सहायक पशु शल्यज्ञ डॉ. नंदकिशोर मांझी, सहायक पशु शल्यज्ञ डॉ. शेफाली मेश्राम, आरसेटी संचालक किरण कुमार लुगुन, फैकल्टी रूमा रॉय और शैलेन्द्र बघेल मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संचालक किरण कुमार लुगुन ने प्रशिक्षणार्थियों से अनुशासन और समर्पण के साथ प्रशिक्षण पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित पशु सखियां गांवों में पशुओं की देखभाल, प्राथमिक उपचार, टीकाकरण के प्रति जागरूकता और पशुपालकों को जरूरी सलाह देने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ पशुपालन आधारित आजीविका को भी नई दिशा देगी।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण, रोगों की पहचान और प्राथमिक उपचार से जुड़ी व्यवहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने गांवों में बेहतर पशु सेवा उपलब्ध करा सकें। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने भी पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए महिलाओं की भागीदारी को बेहद जरूरी बताया।
आरसेटी द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल: आरसेटी जगदलपुर में 17 दिवसीय ‘पशु सखी’ प्रशिक्षण शुरू