13मई 2026
बीजापुर में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने जंगलों में छिपाए गए माओवादियों के पुराने ठिकानों और डंपों पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और नकदी बरामद की है। इस अभियान में सुरक्षा बलों ने ₹65 लाख 52 हजार नकद जब्त किए हैं, जिससे नक्सलियों के आर्थिक नेटवर्क को बड़ा झटका माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक Dr. Jitendra Kumar Yadav ने बताया कि बीते एक माह से जिले के संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया जा रहा था। ग्रामीणों से मिले इनपुट और मजबूत खुफिया तंत्र की मदद से जवानों ने कई ऐसे स्थानों का पता लगाया, जहां नक्सलियों ने हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे थे। संयुक्त कार्रवाई के दौरान एलएमजी, एसएलआर, कार्बाइन, .303 रायफल, बीजीएल लॉन्चर समेत कुल 32 घातक हथियार और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
सुरक्षाबलों ने हाल के अभियानों में लगभग 140 किलो अमोनियम नाइट्रेट और यूरिया जैसे विस्फोटक पदार्थ भी बरामद कर सुरक्षा मानकों के तहत नष्ट किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस कार्रवाई से नक्सलियों की हथियार आपूर्ति, लॉजिस्टिक सपोर्ट और आईईडी बनाने की क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। वर्ष 2024 से अब तक जिले में चलाए गए अभियानों में 234 माओवादी मारे गए हैं, जबकि 1192 गिरफ्तार और 1003 ने आत्मसमर्पण किया है।
पुलिस के अनुसार अब तक की संयुक्त कार्रवाई में कुल ₹20 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, जिसमें ₹7.28 करोड़ नकद और करीब 8.20 किलो सोना शामिल है। इसके साथ ही 517 हथियार और 1092 आईईडी भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रहे अभियानों और ग्रामीणों के सहयोग से बीजापुर जिला तेजी से नक्सलमुक्ति की ओर बढ़ रहा है।
सुरक्षाबलों ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विस्फोटक सामग्री या छिपे हुए डंप की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखी जा सके।