लामनी बर्ड पार्क में विदेशी मेहमानों की रंगीन दस्तकब्लू-एंड-गोल्ड मकाऊ और अफ्रीकन ग्रे पैरेट बने नया आकर्षण

जगदलपुर, 14 जनवरी 2026/ शहर के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र लामनी बर्ड पार्क में बुधवार को प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक खास सौगात देखने को मिली। पार्क की जैव विविधता को और समृद्ध करते हुए एवीयरी में दो बेहद आकर्षक विदेशी पक्षियों — ब्लू-एंड-गोल्ड मकाऊ और अफ्रीकन ग्रे पैरेट का आगमन हुआ, जिससे परिसर रंगों और चहचहाहट से गुलजार हो उठा।
इन नए मेहमानों के पहुंचते ही पार्क में उत्साह का माहौल बन गया। प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों और बच्चों ने इन रंग-बिरंगे और बातूनी पक्षियों को देखकर खुशी जाहिर की। विदेशी पक्षियों के आगमन से लामनी बर्ड पार्क अब और भी आकर्षक पर्यटन स्थल बन गया है।
ब्लू-एंड-गोल्ड मकाऊ, जिसे आरा अरारौना भी कहा जाता है, मूल रूप से मध्य और दक्षिण अमेरिका के जंगलों एवं सवाना क्षेत्रों का निवासी है। इसके गहरे नीले पंख और चमकदार सुनहरे-पीले रंग की छाती इसे अत्यंत मनमोहक बनाती है। लगभग 34 से 36 इंच लंबाई और 41 से 45 इंच पंखों के फैलाव वाले ये विशाल तोते अपनी सुंदरता के साथ-साथ असाधारण बुद्धिमत्ता और बोलने की क्षमता के लिए भी जाने जाते हैं।
वहीं अफ्रीकन ग्रे पैरेट अपनी सटीक नकल करने की क्षमता के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। यह पक्षी शब्दों और वाक्यों को हूबहू दोहराने में माहिर होता है, जिससे यह विशेष रूप से बच्चों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर बस्तर वनमंडलाधिकारी  उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि मकाऊ और अफ्रीकन ग्रे पैरेट अत्यंत सामाजिक, बुद्धिमान और भावनात्मक रूप से जुड़ाव रखने वाले पक्षी होते हैं। उन्होंने कहा कि इनकी देखभाल में विशेष ध्यान, संतुलित आहार और उचित वातावरण आवश्यक होता है। मजबूत चोंच वाले ये पक्षी मेवे तोड़ने में सक्षम होते हैं और सही देखभाल मिलने पर 80 वर्षों तक जीवित रह सकते हैं, जिससे इनका संरक्षण एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
लामनी बर्ड पार्क में इन विदेशी पक्षियों के आगमन से न केवल पार्क की शोभा बढ़ी है, बल्कि उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों, खासकर बच्चों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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