8मई2026
जगदलपुर। शासन की जनहितकारी पहल “सुशासन तिहार” अब दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए राहत और उम्मीद का माध्यम बनती जा रही है। दरभा विकासखंड के ग्राम ढोढ़रेपाल में आयोजित शिविर में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली को उजागर कर दिया। छोटे गुडरा डिलमिली की रहने वाली मोटली सोढ़ी को पहली बार अपने जीवन में सरकारी पहचान संबंधी दस्तावेज प्राप्त हुए।
मोटली सोढ़ी वर्षों से बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज के जीवन गुजार रही थीं। जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड नहीं होने के कारण वे शासन की कई योजनाओं से वंचित थीं। राशन, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य सरकारी लाभ लेने में उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सुशासन तिहार शिविर में जब अधिकारियों को उनकी स्थिति की जानकारी मिली, तो मौके पर ही आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
प्रशासन की पहल पर पंचनामा तैयार किया गया और तत्काल जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया। साथ ही आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी शिविर में पूरी कराई गई। वर्षों से दस्तावेजों के अभाव में संघर्ष कर रही मोटली सोढ़ी के चेहरे पर उस समय खुशी साफ झलक रही थी, जब उन्हें पहली बार अपनी पहचान का अधिकार मिला।
मोटली सोढ़ी ने भावुक होकर कहा कि अब उन्हें भी शासन की योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर दूर-दराज के लोगों के लिए बेहद मददगार साबित हो रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सुशासन तिहार का उद्देश्य अंतिम छोर तक बैठे जरूरतमंद व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सुविधाओं को पहुंचाना है। शिविरों के माध्यम से मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल रही है और शासन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हो रहा है।