आधी रात गंगा में समाया विक्रमशिला सेतु का हिस्सा, बाल-बाल बची सैकड़ों जिंदगियां

4मई2026

बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बना ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु रविवार देर रात अचानक हादसे का शिकार हो गया, जब पुल का एक महत्वपूर्ण पिलर ध्वस्त हो गया और उससे जुड़ा स्लैब सीधे नदी में समा गया। यह घटना रात करीब 1 बजे के आसपास हुई, लेकिन इसकी शुरुआत देर रात से ही हो चुकी थी, जब पुल का पिलर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा था।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने समय रहते सतर्कता दिखाई और तुरंत वाहनों की आवाजाही रोक दी। इसी त्वरित कार्रवाई के कारण बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि अगर उस समय ट्रैफिक जारी रहता तो कई वाहन और लोग इसकी चपेट में आ सकते थे।
करीब 4.7 किलोमीटर लंबा यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला एक अहम मार्ग है, जिससे रोजाना हजारों वाहन और बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। पुल का एक हिस्सा गिरने के बाद अब नवगछिया और भागलपुर के बीच सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और एहतियात के तौर पर भारी वाहनों की एंट्री शहर के बाहर ही रोक दी गई। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल के इस हिस्से में पहले से ही दरार और कमजोरी के संकेत मिल रहे थे। बताया जा रहा है कि लंबे समय से इसकी बड़े स्तर पर मरम्मत नहीं हुई थी, जिससे संरचना कमजोर होती चली गई। खासकर पिलर की सुरक्षा दीवार के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद समय रहते सुधार नहीं किया गया, जो इस हादसे की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
फिलहाल पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और विशेषज्ञों की टीम नुकसान का आकलन कर रही है। प्रशासन अब जल्द मरम्मत और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर काम करने की तैयारी में जुट गया है।

समय रहते अलर्ट होने से जहां एक बड़ी त्रासदी टल गई, वहीं यह घटना बुनियादी ढांचे की नियमित निगरानी और रखरखाव की जरूरत पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

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