शांति से विकास की ओर बढ़ता बस्तर” — राज्यपाल रमेन डेका ने नवाचार आधारित योजनाओं पर दिया जोर

अधिकारियों की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण और आजीविका पर फोकस, जनभागीदारी से समग्र विकास का आह्वान

जगदलपुर, 4 मई 2026।
बस्तर में बदलते हालातों को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि अब यह क्षेत्र शांति और विश्वास की नई पहचान बना चुका है। ऐसे समय में विकास को गति देने के लिए पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर नवाचार आधारित योजनाओं पर काम करना जरूरी है। वे सोमवार को कलेक्टोरेट जगदलपुर में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि बस्तर जैसे संसाधन संपन्न क्षेत्र में विकास का मॉडल स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार तैयार होना चाहिए। उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल संचयन संरचनाओं के निर्माण और “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान के जरिए व्यापक पौधरोपण और उसकी देखरेख में जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया।
शिक्षा और स्वास्थ्य को विकास की आधारशिला बताते हुए उन्होंने ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से स्कूलों से जोड़ने के लिए सामुदायिक पहल की जरूरत बताई। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।
आजीविका के क्षेत्र में उन्होंने स्थानीय उत्पादों, वनोपज और पारंपरिक कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़ने पर बल दिया। जैविक खेती के साथ बकरीपालन, कुक्कुटपालन और मछलीपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। कोसा उत्पादन में मूल्य संवर्धन और डिज़ाइन में बदलाव कर इसे बाजार के अनुरूप बनाने की आवश्यकता भी जताई।
महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका पर विशेष ध्यान देते हुए राज्यपाल ने उन्हें मशरूम, अदरक और हल्दी जैसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने और अलग-अलग मौसम के अनुसार उत्पाद तैयार कर बाजार से जोड़ने की सलाह दी। उनका मानना है कि इससे महिलाओं और युवाओं दोनों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।
बैठक के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास की संभावनाएं पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं, जिन्हें नवाचार और सामूहिक प्रयासों के जरिए साकार किया जा सकता है।
इस मौके पर राज्यपाल ने रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से टीबी उन्मूलन अभियान के तहत जरूरतमंदों को फूड बास्केट, मोतियाबिंद मरीजों को ऑपरेशन के बाद चश्मे वितरित किए और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही कलेक्टोरेट परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
बैठक में कलेक्टर आकाश छिकारा ने जिले में चल रही योजनाओं और नवाचारों की जानकारी प्रस्तुत की, जबकि विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, नशा मुक्ति और जनजातीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े प्रयासों की विस्तृत जानकारी साझा की।
इस समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि बस्तर अब योजनाबद्ध और समन्वित प्रयासों के साथ विकास की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *