इनोवेशन महाकुंभ 1.0 में नवाचार, उद्यमिता और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर
जगदलपुर, 4 मई 2026।
बस्तर की धरती पर नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई सोच को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” का शुभारंभ शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने बस्तर को भविष्य में ट्राइबल इनोवेशन हब के रूप में विकसित करने का आह्वान करते हुए युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बस्तर केवल प्राकृतिक संसाधनों से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि यहां की आदिवासी कला, संस्कृति और पर्यटन में अपार संभावनाएं छिपी हैं। महुआ, इमली, तेंदूपत्ता और रेशम जैसे संसाधनों का सही उपयोग कर स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन किया जाए, तो यह क्षेत्र आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सकता है।
राज्यपाल ने युवाओं से तकनीक को अपनाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि आज मोबाइल ही सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। व्हाट्सएप बिजनेस, इंस्टाग्राम और ई-कॉमर्स के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने “सीखो, लागू करो, नया सोचो और कमाओ” के मंत्र को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता पर आधारित हो चुकी है। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि “ज्ञान से व्यवसाय” मॉडल के जरिए छात्रों को अपने आइडिया को स्टार्टअप में बदलने का अवसर मिल रहा है, जो आने वाले समय में रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।
वन मंत्री केदार कश्यप ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बस्तर की कला, शिल्प और वन संपदा को वैश्विक पहचान दिलाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि स्थानीय हुनर को बाजार से जोड़कर रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।
इस दो दिवसीय आयोजन में कई गणमान्य अतिथि और विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने इनोवेशन एंड स्टार्टअप कंपेंडियम का विमोचन किया और पद्मश्री से सम्मानित बुधरी ताती को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि बस्तर अब बदलाव और विकास की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।