जगदलपुर16जुलाई 2026किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और कृषि आदानों में हो रही अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने उर्वरक नियमों के उल्लंघन के दो मामलों में एफआईआर दर्ज कराई है, जबकि एक कृषि केंद्र का उर्वरक प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
कृषकों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई जांच में कुम्हरावंड स्थित दन्तेश्वरी कृषि केन्द्र द्वारा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने उसका उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द कर दिया। साथ ही संचालक के खिलाफ फ्रेजरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
वहीं, एक अन्य मामले में 8 जुलाई को किसानों की शिकायत पर जांच के दौरान यह सामने आया कि बिना वैध प्राधिकार पत्र के डीएपी खाद के नाम पर अन्य उर्वरक अधिक कीमत पर बेचा जा रहा था। प्रथम दृष्टया उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के उल्लंघन के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ बोधघाट थाना में एफआईआर दर्ज की गई है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचता है, नकली या संदिग्ध गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक अथवा कीटनाशक उपलब्ध कराता है या किसी प्रकार की अनियमितता करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई को किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।