जगदलपुर, 30 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। बस्तर जिले के तोकापाल जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पलवा (बाघनपाल) की रहने वाली लालिमा ठाकुर की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। पति के निधन के बाद आर्थिक संकट से जूझ रही लालिमा के लिए यह पहल नई आशा लेकर आई है।
पति स्वर्गीय संजय ठाकुर की आकस्मिक मृत्यु के बाद लालिमा ठाकुर पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई। सीमित संसाधनों और गंभीर आर्थिक परेशानियों के बीच अपने पुत्र चंदू ठाकुर के पालन-पोषण और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था। ऐसे कठिन समय में उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं और राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत सहायता की मांग की।
मामले की गंभीरता को समझते हुए समाज कल्याण विभाग ने तत्काल सक्रियता दिखाई। जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत के सहयोग से लालिमा के आवश्यक दस्तावेज—आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड और बीपीएल संबंधी जानकारी एकत्रित कर त्वरित सत्यापन किया गया। पात्रता सुनिश्चित होने के बाद उन्हें विधवा पेंशन योजना का लाभ स्वीकृत कर दिया गया।
सरकारी सहायता मिलने के बाद लालिमा ठाकुर के जीवन में राहत की नई किरण आई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार ने उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया। लालिमा और उनके पुत्र ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके परिवार के लिए कठिन समय में बड़ी राहत साबित हुई।
यह उदाहरण दर्शाता है कि जब शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं संवेदनशीलता और तत्परता के साथ जरूरतमंदों तक पहुंचती हैं, तो वे न केवल आर्थिक मदद देती हैं बल्कि टूटते परिवारों को फिर से संबल और सम्मान के साथ जीने का अवसर भी प्रदान करती हैं।
सुशासन तिहार बना सहारा: विधवा लालिमा ठाकुर को मिली नई उम्मीद, सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी