जगदलपुर, 30 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण की नई कहानी लिख रहा है। बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम एरण्डवाल की निवासी गुंजवती पेगड़ इसकी जीवंत उदाहरण बनकर उभरी हैं। स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनीं।
वर्ष 2023 में गुंजवती दुर्गावती स्व सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ आय बढ़ाने वाले कई रोजगार आधारित कार्य शुरू किए। धान उत्पादन, सब्जी खेती, मुर्गीपालन, ब्रुडिंग यूनिट और पशुपालन को अपनाकर उन्होंने अपनी आय के नए रास्ते तैयार किए।
बिहान मिशन के तहत उन्हें विभिन्न योजनाओं और बैंकिंग सहायता के माध्यम से लगभग 1.90 लाख रुपये की वित्तीय मदद मिली। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय को विस्तार देने में किया। मेहनत और योजनाबद्ध कार्य के परिणामस्वरूप उन्होंने कृषि और पशुपालन गतिविधियों से उल्लेखनीय वार्षिक आय अर्जित की, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हुईं।
गुंजवती का कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने स्वयं के पैरों पर खड़ा होना सीखा। आज वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
उनकी सफलता यह दर्शाती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग और सामूहिक समर्थन मिले तो वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में नई पहचान स्थापित कर सकती हैं। बिहान योजना आज बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सपनों को साकार करने का मजबूत माध्यम बनती जा रही है। गुंजवती पेगड़ की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि छोटे प्रयास और सही दिशा मिल जाए तो गांव की महिलाएं भी “लखपति दीदी” बन सकती हैं।
बिहान योजना से बदली तकदीर: एरण्डवाल की गुंजवती बनीं ‘लखपति दीदी’, आत्मनिर्भरता की मिसाल