30अप्रैल2026
रीवा जिले में प्रशासनिक अनुशासन का एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला, जब कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी स्वयं कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति का जायजा लेने लगे। सुबह कार्यालय समय के बाद भी कई कर्मचारी और अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, जिससे कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए देर से पहुंचने वालों को गेट पर ही रोक लिया।
कलेक्टर ने सभी लेट कर्मचारियों को कतार में खड़ा कर स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी सेवा में समय की पाबंदी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिक अपने जरूरी कार्यों के लिए समय पर कार्यालय पहुंचते हैं, तब अधिकारियों और कर्मचारियों की देरी जनता के समय और विश्वास दोनों का अनादर है।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट दोनों स्थानों पर कर्मचारियों की कम उपस्थिति देखकर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। पहली बार की स्थिति को देखते हुए उन्होंने संबंधित कर्मचारियों का आधे दिन का अवकाश घोषित किया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराने पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर सूर्यवंशी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था को भी जल्द प्रभावी रूप से लागू करने की बात कही, ताकि उपस्थिति प्रणाली और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सके।
इस कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक अमले को स्पष्ट संदेश मिला कि कार्य संस्कृति में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रीवा प्रशासन की यह पहल सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।