बस्तर के युवाओं के लिए ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’: आत्मनिर्भरता, स्टार्टअप और स्वरोजगार की नई उड़ान

जगदलपुर। 29अप्रैल2026/शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर संभाग में नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में आगामी 4 और 5 मई को आयोजित होने वाला इनोवेशन महाकुंभ 1.0 केवल दो दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर के सामाजिक-आर्थिक विकास और युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला दीर्घकालिक अभियान होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत विजन 2047 को ध्यान में रखते हुए बस्तर के युवाओं को नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनाने की सोच के साथ तैयार किया गया है।
करीब 8000 युवाओं ने इस महाअभियान के लिए पंजीकरण कराया है, जिनमें से 1500 से अधिक प्रतिभागी प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे, जबकि शेष युवा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों, नवाचारकर्ताओं, उद्यमियों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच मिलेगा।
कुलपति ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की भूमिका केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रह सकती। आज की जरूरत है कि विद्यार्थियों को उनके ज्ञान का व्यवहारिक उपयोग, स्टार्टअप निर्माण, स्वरोजगार, मार्केटिंग, निवेश और उद्योग जगत से जोड़ने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य से इनोवेशन महाकुंभ को चरणबद्ध रूप से अगले दो वर्षों तक विभिन्न मेंटरशिप प्रोग्राम, वर्कशॉप, इन्वेस्टर मीट और जिला स्तरीय आयोजनों के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में आईआईटी भिलाई, आईआईटी मद्रास, एनआईटी रायपुर, आईआईएम रायपुर, सीजीकॉस्ट सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों की भागीदारी रहेगी। विशेष रूप से बस्तर के माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस के मूल्य संवर्धन के लिए आधुनिक तकनीकों और मशीनों की प्रदर्शनी युवाओं को स्थानीय संसाधनों से व्यवसायिक संभावनाओं की जानकारी देगी।
सरकारी विभागों के स्टॉल के माध्यम से युवाओं को विभिन्न योजनाओं, स्टार्टअप समर्थन, स्वरोजगार अवसरों और बाजार से जुड़ाव की जानकारी भी दी जाएगी। बस्तर की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए हर सत्र में हल्बी और छत्तीसगढ़ी अनुवादकों की व्यवस्था की गई है, ताकि स्थानीय युवा विषयों को सहज रूप से समझ सकें।
विशेष बात यह भी है कि हिंसा की राह छोड़ चुके करीब 200 महिला-पुरुष भी इस कार्यक्रम में भाग लेकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल रमेन डेका करेंगे, जबकि समापन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में होगा। उत्कृष्ट स्टार्टअप और अभिनव विचारों को पुरस्कृत किया जाएगा।
विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में युवा डिग्री प्राप्त करने के बाद भी औपचारिक रोजगार से वंचित रह जाते हैं। इसी चुनौती को अवसर में बदलने के लिए विश्वविद्यालय ने नवाचार और उद्यमिता आधारित इकोसिस्टम विकसित करने का संकल्प लिया है।
इनोवेशन महाकुंभ 1.0 बस्तर के लिए शिक्षा, तकनीक, स्थानीय संसाधन, संस्कृति और आर्थिक विकास को जोड़ने वाला एक ऐसा मंच बनने जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय विकास की नई तस्वीर पेश कर सकता है। यह आयोजन बस्तर के युवाओं को आत्मनिर्भरता, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक आर्थिक सोच की ओर अग्रसर करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।

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